शिक्षा विभाग के नियम 134ए के खिलाफ निजी स्कूल 17 मई को अंबाला में प्रदेशस्तरीय सम्मेलन आयोजित करेंगे। यह जानकारी प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के राज्य प्रधान कुलभूषण शर्मा ने यहां पत्रकारों से बातचीत में दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश भर के करीब 1600 निजी विद्यालयों की स्थायी मान्यता संबंधी मामला लटका दिया है, जबकि उन पर नाजायज रूप से नियम 134ए लागू करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। हरियाणा प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां पर आरटीई और नियम 134ए एक साथ लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नियम थोपा गया तो प्रदेशभर के निजी स्कूल बंद हो जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आरटीई के विरोध में नहीं हैं, बल्कि नियम 134ए को समाप्त कराने की पैरवी कर रहे हैं। सरकार एक साथ दोहरे मापदंड बनाकर 25
फीसद गरीब बच्चों के दाखिले में भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 80 फीसद निजी विद्यालय घाटे में चल रहे हैं। ऐसे में उनके लिए 25 फीसद गरीब बच्चों को नियम 134ए के तहत दाखिला देना किसी भी सूरत में संभव नहीं है। इस अवसर पर उनके साथ जिला प्रधान रामअवतार शर्मा, जिला संरक्षक विनोद कुमार मिर्ग, अंबाला के जिला प्रधान बंसीलाल कपूर भी उपस्थित थे।
फीसद गरीब बच्चों के दाखिले में भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 80 फीसद निजी विद्यालय घाटे में चल रहे हैं। ऐसे में उनके लिए 25 फीसद गरीब बच्चों को नियम 134ए के तहत दाखिला देना किसी भी सूरत में संभव नहीं है। इस अवसर पर उनके साथ जिला प्रधान रामअवतार शर्मा, जिला संरक्षक विनोद कुमार मिर्ग, अंबाला के जिला प्रधान बंसीलाल कपूर भी उपस्थित थे।