Monday, May 7, 2012

लोक प्रशासन में शोध पर लगा प्रश्नचिन्ह

कुवि ने चाहे शोध के लिए यूजीसी के नियमों को पूरी तरह से लागू कर दिया हो, लेकिन शोध लेखों की चोरी नहीं रोकी जा सकी है। हाल ही में कुवि कार्यकारिणी में उठा शोध पत्र में साहित्यिक चोरी का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि लोक प्रशासन विभाग से दी जा चुकी पीएचडी डिग्री पर लेख की नकल करने का दाग लगता दिख रहा है। इस विभाग की छात्रा द्वारा किए गए शोध पर पहले हुए शोध से आर्टीकल चुराकर लिखने का आरोप लगाया लगा है। इसकी शिकायत कुवि के लोक प्रशासन विभागाध्यक्ष, यूजीसी के चेयरमैन और प्रदेश के मुख्यमंत्री से की गई है। चंडीगढ़ की सुविधा रानी ने शिकायत दी है पिछले सत्र में कुवि से हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन इन हरियाणा-ए केस स्टडी ऑफ
यमुनानगर डिस्टि्रक विषय पर शोध किया गया है। जिसकी डिग्री कुवि प्रशासन की ओर से शोधकर्ता को अवार्ड कर दी गई है। इस शोध में काफी लेखों की चोरी की की गई है। जिसमें इतिहास और विषय के बारे में जानकारी देने वाले पाठ संख्या एक, दो और तीन को इसी विषय से मिलते-जुलते शोधपत्रों से चुराकर लिखा गया है। एसएल गोयल द्वारा किए गए शोध पर आधारित पुस्तक पब्लिक हेल्थ पॉलिसी एंड एडमिनिस्ट्रेशन से शोधकर्ता ने अपने शोध पत्र में 51 पन्ने भरे हैं।