सरकारी स्कूल में लिपिक पद पर कार्य कर रहे सुशील कुमार देर रात तक स्कूल का काम करते रहे। काम खत्म कर जब घर पहुंचे तो काफी देर हो गई। ऐसे में अगले दिन समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके। समय पर स्कूल पहुंच न पाने के कारण अगले दिन समय पर बायोमीट्रिक मशीन में हाजरी नहीं लगा सके। हाजरी न लगाने के कारण उस दिन उनका अवकाश हो गया। स्कूलों में काम कर रहे लिपिकों के समक्ष यह समस्या नहीं आएगी। निदेशक विद्यालय शिक्षा के एचआरएमई अधीक्षक द्वारा जारी पत्र में स्कूल में कार्य कर रहे लिपिक कर्मियों को मशीन से हाजरी लगाने की छूट दी गई है।
जारी पत्र में बताया गया है कि इस छूट के लिए अलग से पत्र जारी कर दिया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों को मुख्यालय पर बुलाकर देर रात तक काम करवाने की प्रथा पर भी रोक लगा दी गई है। साथ ही कार्यालय समय के बाद किसी भी कर्मचारी को रोका नहीं जाएगा। यदि किसी को कार्यालय समय के बाद आपात स्थिति में रोक कर काम लिया जाता है तो उसके बदले में कर्मचारी को प्रतिपूर्ति अवकाश प्रदान किया जाएगा। इस बारे में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के लिपिक पद पर कार्यरत सुशील कुमार ने बताया कि कई बार बजट का कार्य करते हुए स्कूल में देर रात तक काम करना पड़ता है। साथ ही कई बार स्कूल में अन्य काम भी आ जाते हैं जिन्हें पूरा करने में काफी समय बीत जाता है। जिससे अगले दिन समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते ऐसे में लिपिक के सामने समस्या खड़ी हो जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जारी पत्र के बाद लिपिकों को काफी राहत मिलेगी।
जारी पत्र में बताया गया है कि इस छूट के लिए अलग से पत्र जारी कर दिया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों को मुख्यालय पर बुलाकर देर रात तक काम करवाने की प्रथा पर भी रोक लगा दी गई है। साथ ही कार्यालय समय के बाद किसी भी कर्मचारी को रोका नहीं जाएगा। यदि किसी को कार्यालय समय के बाद आपात स्थिति में रोक कर काम लिया जाता है तो उसके बदले में कर्मचारी को प्रतिपूर्ति अवकाश प्रदान किया जाएगा। इस बारे में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के लिपिक पद पर कार्यरत सुशील कुमार ने बताया कि कई बार बजट का कार्य करते हुए स्कूल में देर रात तक काम करना पड़ता है। साथ ही कई बार स्कूल में अन्य काम भी आ जाते हैं जिन्हें पूरा करने में काफी समय बीत जाता है। जिससे अगले दिन समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते ऐसे में लिपिक के सामने समस्या खड़ी हो जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जारी पत्र के बाद लिपिकों को काफी राहत मिलेगी।