Wednesday, May 30, 2012

संस्थानों पर नजर रखेंगी एंटी रैगिंग सैल

एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही शिक्षा विभाग रैगिंग को रोकने के लिए गंभीर हो गया है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षण संस्थाओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिला स्तर पर एंटी रैगिंग सैल का गठन किया जाएगा। 
यह सैल सभी संस्थाओं में तालमेल रखने के साथ रैगिंग के खिलाफ छात्रों को जागरूक भी करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2010 में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रैगिंग के दौरान एमबीबीएस छात्र की हत्या मामले में सुनवाई करते हुए शिक्षण संस्थाओं में इस सेल के गठन को लेकर निर्देश दिए थे। इसी कड़ी की एक प्रक्रिया बताए जा रहे हैं। विभागीय निर्देशों के तहत सभी शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों व संचालकों को रैगिंग के प्रति गंभीरता बरतनी होगी। दाखिलों के समय छात्रों को विशेष तौर पर रैगिंग के बारे में जागरूक करना होगा। इसके अलावा संस्थाओं को रैगिंग को रोकने के लिए सजा तथा जुर्माने को लेकर प्रचार- प्रसार करना होगा। 


जिलास्तरीय कमेटी 

संस्थान स्तर पर गठित होने वाले एंटी रैगिंग सेल की कार्यप्रणाली पर जिलास्तरीय कमेटी की नजर रहेगी। जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी के अधिकारी सभी शिक्षण संस्थानों के संचालकों से तालमेल स्थापित करेंगे। जिन शिक्षण संस्थानों में अभी तक अपने- अपने स्तर पर कमेटियों का गठन नहीं किया है, उन शिक्षण संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।