हरियाणा आज आर्थिक विकास में एक नंबर पर है तो इसमें कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र का अहम योगदान है। पशुपालन ने यहां के किसानों के लिए अपने ही घर में नये रोजगार की सौगात पैदा की है फलस्वरूप यहां के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। आज दूध उत्पादन में हरियाणा नंबर एक पर है तो किसानों की मेहनत व इस विभाग के कर्मचारियों की मेहनत के कारण है। आज एक भैंस की कीमत लाखों रूपये है अगर किसी कारणवश कोई पशु बीमार हो जाता है तो उसे बचाने की जिम्मेवारी विभाग में तैनात पशु चिकित्सक व वीएलडीए की बनती है। इस बारे में प्रशिक्षित वीएलडीए सत्यवान वर्मा सौरभ ने बताया कि हरियाणा में 1809 पशु औषधालय है जिनको विभाग के वीएलडीए चलाते है । प्रत्येक तीन गांवों के पशुओं को बीमारियों से बचाने का जिम्मा एक वीएलडीए का है। पर पूरे हरियाणा में 500 पशु औषधालयों में तो कोई वीएलडीए है ही
नहीं ऐसे में पशुपालकों को गांव के ही अनजान लोगों के पास जाकर अपने पशुओं को ले जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण इन झोलाछाप लोगों का गोरखधंधा खूब पनप रहा है और ये लोगों को इलाज के नाम पर जमकर लूट रहे हैं। जबकि दूसरी और हरियाणा की एकमात्र विश्र्व विद्यालय से निकलने वाले प्रतिभावान तथा प्रशिक्षित वीएलडीए नियुक्ति की बाट जोह रहे हैं। हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग ने साल 2005 के बाद वीएलडीए के पदों पर कोई भर्ती नहीं की है नतीजा हरियाणा कृषि विश्र्वविद्यालय के प्रशिक्षित होनहार छात्र बेरोजगारी की मार झेलते हुए अपना जीवन बर्बाद कर चुके हैं । उन्होंने बताया कि चयन आयोग ने साल 2009 में आवेदन मांगे थे बड़े लंबे इंतजार के बाद अगस्त 2011 में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया पर अभी 8-9 माह बीत जाने के बाद भी परिणाम घोषित नहीं हुआ है ऐसे में ये प्रतिभावान छात्र घर बैठकर इंतजार करने के सिवाय कुछ नहीं कर सकते । इस दौरान और बाद की सभी कैटेगरी के परिणाम आ चुके हैं और नियुक्ति भी हो चुकी हैं। हरियाणा सरकार को इस और ध्यान देकर प्रदेश में खाली पड़े पशु चिकित्सक व वीएलडीए के पदों को तुरन्त भरा जाए।
नहीं ऐसे में पशुपालकों को गांव के ही अनजान लोगों के पास जाकर अपने पशुओं को ले जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण इन झोलाछाप लोगों का गोरखधंधा खूब पनप रहा है और ये लोगों को इलाज के नाम पर जमकर लूट रहे हैं। जबकि दूसरी और हरियाणा की एकमात्र विश्र्व विद्यालय से निकलने वाले प्रतिभावान तथा प्रशिक्षित वीएलडीए नियुक्ति की बाट जोह रहे हैं। हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग ने साल 2005 के बाद वीएलडीए के पदों पर कोई भर्ती नहीं की है नतीजा हरियाणा कृषि विश्र्वविद्यालय के प्रशिक्षित होनहार छात्र बेरोजगारी की मार झेलते हुए अपना जीवन बर्बाद कर चुके हैं । उन्होंने बताया कि चयन आयोग ने साल 2009 में आवेदन मांगे थे बड़े लंबे इंतजार के बाद अगस्त 2011 में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया पर अभी 8-9 माह बीत जाने के बाद भी परिणाम घोषित नहीं हुआ है ऐसे में ये प्रतिभावान छात्र घर बैठकर इंतजार करने के सिवाय कुछ नहीं कर सकते । इस दौरान और बाद की सभी कैटेगरी के परिणाम आ चुके हैं और नियुक्ति भी हो चुकी हैं। हरियाणा सरकार को इस और ध्यान देकर प्रदेश में खाली पड़े पशु चिकित्सक व वीएलडीए के पदों को तुरन्त भरा जाए।