Monday, June 18, 2012

45 हजार शिक्षकों की दरकार, फंसी सरकार


> अध्यापक भर्ती बोर्ड की नई शर्त के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील से १५ हजार पदों पर भर्ती भी लटकी
> एचटैट पास सवा लाख युवा नौकरी के इंतजार में
> छह हजार युवा महज एक अंक के कारण नौकरी से महरूम 
सरकारी स्कूलों के छात्रों को नए शिक्षकों के लिए एक और सेशन इंतजार करना पड़ सकता है। 'गुड एकेडमिक रिकार्ड' के पेच से 15 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया है। सरकार और शिक्षक भर्ती बोर्ड के अफसर इस मुद्दे पर मंथन में जुटे हैं। दूसरी तरफ प्रदेश को तुरंत 45 हजार शिक्षकों की जरूरत है। 

पूरे हरियाणा में पिछले तीन साल से शिक्षकों को भर्ती करने की कोशिशें चल रही हैं। सरकार ये भर्ती 'अध्यापक भर्ती बोर्ड' के जरिए करना चाहती थी। दो साल की जद्दोजहद के बाद इस बोर्ड का गठन हो गया और बीती सात जून को उसने पहली बार करीबन १५ हजार पदों के लिए विज्ञापन भी निकाल दिया। 

विवाद इस विज्ञापन में जोड़ी गई 'गुड एकेडमिक रिकार्ड' नामक शर्त से पैदा हुआ। इस शर्त के अनुसार, केवल वही लोग इन पदों पर भर्ती के लिए अप्लाई कर पाएंगे जिनके तीन लोअर परीक्षाओं (१०वीं, १२वीं व बीए) में से दो में कम से कम 50 फीसदी और एक में 45 फीसदी अंक हैं। जाहिर सी बात है कि इस शर्त के चलते हजारों युवा तमाम डिग्रियां और पात्रता परीक्षा पास करने के बावजूद अयोग्य हो गए। 

बेरोजगार पात्र अध्यापक संघ व पात्र अध्यापक संघ इस शर्त के खिलाफ प्रदेश सरकार, शिक्षा विभाग और भर्ती बोर्ड को पार्टी बनाते हुए हाईकोर्ट चले गए हैं। ऐसे में यह भर्ती खटाई में पड़ती नजर आ रही है। या यूं कहें कि नया सत्र भी पुराने शिक्षकों के ही हवाले रहेगा। 

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