खाता ही नहीं खुल पाया है। ऐसे में इन कॉलेजों पर अभी से आर्थिक संकट के बादल गहराने लगे हैं। इसे देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने दाखिले के लिए दूसरे विकल्पों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग की काउंसिलिंग सोसाइटी द्वारा जारी प्रथम मेरिट सूची के अनुसार एशिया पैसेफिक इंस्टीट्यूट को 340 के मुकाबले 43, डीआर कॉलेज आफ इंजीनियरिंग खरखौदा को 300 के मुकाबले 10, गीता इंजीनियरिंग कॉलेज नौल्था को 360 के मुकाबले 06, नवनिर्माण सेवा स्मृति समालखा ग्रुप ऑफ इंस्टीटयूट को 420 के मुकाबले 6, एनसी कॉलेज आफ इसराना को 480 के मुकाबले 253,एनसी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी को 396 के मुकाबले 43, पानीपत इंस्टीटयूट आफ इंजीनियरिंग समालखा को 480 के मुकाबले 157, आरएन कॉलेज मतलौडा के 450 के मुकाबले 11, एसडी इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफ टेक्नालॉजी इसराना को 480 के मुकाबले 16, सीटें आवंटित की गई हैं। इन छात्रों को दाखिले के लिए आगामी 24 जुलाई तक कॉलेजों में रिपोर्ट करना है। ऐसे में अभी से ही जिले के निजी इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह बन गया है कि वह अपने-अपने पाठ्यक्रमों का संचालन कैसे करेगा। ऐतिहात के तौर तो जिले के कुछ कॉलेज संचालकों ने दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व ही अपने स्टॉफ की संख्या में 10 से 20 फीसद तक कटौती कर दी थी। इस बारे में एपिट के निदेशक डॉ आरके चौधरी का कहना है कि स्थिति भयावह है, लेकिन उनके लिए जो क्वालिटी शिक्षा नहीं देते हैं। एनसी इंजीनियरिंग कॉलेज ग्रुप के संचालक बी बी गुप्ता का कहना है कि क्वालिटी युक्त शिक्षा देने वाले कॉलेज अब चल पाएंगे।
Saturday, July 21, 2012
85 फीसद सीटों के लिए आवेदन नहीं
खाता ही नहीं खुल पाया है। ऐसे में इन कॉलेजों पर अभी से आर्थिक संकट के बादल गहराने लगे हैं। इसे देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने दाखिले के लिए दूसरे विकल्पों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग की काउंसिलिंग सोसाइटी द्वारा जारी प्रथम मेरिट सूची के अनुसार एशिया पैसेफिक इंस्टीट्यूट को 340 के मुकाबले 43, डीआर कॉलेज आफ इंजीनियरिंग खरखौदा को 300 के मुकाबले 10, गीता इंजीनियरिंग कॉलेज नौल्था को 360 के मुकाबले 06, नवनिर्माण सेवा स्मृति समालखा ग्रुप ऑफ इंस्टीटयूट को 420 के मुकाबले 6, एनसी कॉलेज आफ इसराना को 480 के मुकाबले 253,एनसी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी को 396 के मुकाबले 43, पानीपत इंस्टीटयूट आफ इंजीनियरिंग समालखा को 480 के मुकाबले 157, आरएन कॉलेज मतलौडा के 450 के मुकाबले 11, एसडी इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफ टेक्नालॉजी इसराना को 480 के मुकाबले 16, सीटें आवंटित की गई हैं। इन छात्रों को दाखिले के लिए आगामी 24 जुलाई तक कॉलेजों में रिपोर्ट करना है। ऐसे में अभी से ही जिले के निजी इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह बन गया है कि वह अपने-अपने पाठ्यक्रमों का संचालन कैसे करेगा। ऐतिहात के तौर तो जिले के कुछ कॉलेज संचालकों ने दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व ही अपने स्टॉफ की संख्या में 10 से 20 फीसद तक कटौती कर दी थी। इस बारे में एपिट के निदेशक डॉ आरके चौधरी का कहना है कि स्थिति भयावह है, लेकिन उनके लिए जो क्वालिटी शिक्षा नहीं देते हैं। एनसी इंजीनियरिंग कॉलेज ग्रुप के संचालक बी बी गुप्ता का कहना है कि क्वालिटी युक्त शिक्षा देने वाले कॉलेज अब चल पाएंगे।
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