पोस्ट ग्रेजुएट टीचर भर्ती में अब एक और पेंच अटक गया है। विभाग ने ऐसे नौ हजार से अधिक उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है, जिनकी अभी तक फीस कंफर्म नहीं हुई है। जिसके चलते इनके फार्म रिजेक्ट हो सकते हैं। इसको लेकर संबंधित उम्मीदवारों में हड़कंप की स्थिति है। स्कूल टीचर सेलेक्शन बोर्ड ने पीजीटी के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। इस प्रक्रिया की पूरी जिम्मेवारी मोहाली स्थिति एक कंपनी को सौंपी गई थी। करीब 20 दिन पहले कंपनी ने ऐसे 18 हजार से अधिक उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी, जिनकी फीस कंफर्म नहीं हुई। इसके लिए संबंधित उम्मीदवारों को 23 जुलाई तक का समय दिया गया था। जिसके तहत उन्हें फैक्स के माध्यम से अपनी फीस रसीद भेजनी थी। केवल एक फोन नंबर होने के कारण कई उम्मीदवार निश्चित तिथि तक अपनी रसीद नहीं भेज पाए। इसलिए फीस कंफर्मेशन की इस तिथि को 30 जुलाई तक बढ़ा दिया गया था। विभाग ने स्पष्ट किया था कि अगर निश्चित तिथि तक उम्मीदवारों की फीस कंफर्म नहीं हुई तो उनके आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे।
उम्मीद्वारों में रोष
विभाग ने मंगलवार को ऐसे नौ हजार 393 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिनकी अभी तक फीस कंफर्म नहीं हुई है। उम्मीदवारों ने इस खामी के लिए बैंक और विभाग को जिम्मेवार ठहराया है। पीजीटी हिंदी के लिए आवेदन करने वाले सेक्टर 14 निवासी रजनीश बताते हैं कि उन्होंने समय पर ऑन लाइन फार्म भर दिया था। बैंक में फीस जमा कराने के बाद सारी जिम्मेवारी संबंधित बैंक या विभाग की है। इसमें उम्मीदवारों की कोई गलती नहीं है। इसलिए अगर विभाग ने उनके फार्म रिजेक्ट किए तो उम्मीदवार सड़कों पर उतरने के लिए विवश हो जाएंगे। इसी तरह रजनी, सुमित्रा, राजेश आदि ने बताया कि उन्होंने निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन किया था लेकिन रोज नियम बदलते हैं और इस तरह की मुसीबतें खड़ी की जाती रही हैं।
उम्मीद्वारों में रोष
विभाग ने मंगलवार को ऐसे नौ हजार 393 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिनकी अभी तक फीस कंफर्म नहीं हुई है। उम्मीदवारों ने इस खामी के लिए बैंक और विभाग को जिम्मेवार ठहराया है। पीजीटी हिंदी के लिए आवेदन करने वाले सेक्टर 14 निवासी रजनीश बताते हैं कि उन्होंने समय पर ऑन लाइन फार्म भर दिया था। बैंक में फीस जमा कराने के बाद सारी जिम्मेवारी संबंधित बैंक या विभाग की है। इसमें उम्मीदवारों की कोई गलती नहीं है। इसलिए अगर विभाग ने उनके फार्म रिजेक्ट किए तो उम्मीदवार सड़कों पर उतरने के लिए विवश हो जाएंगे। इसी तरह रजनी, सुमित्रा, राजेश आदि ने बताया कि उन्होंने निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन किया था लेकिन रोज नियम बदलते हैं और इस तरह की मुसीबतें खड़ी की जाती रही हैं।
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