चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में एमफिल को छोड़कर स्नातक व स्नातकोत्तर के तमाम कोर्सों के लिए इस बार दाखिला सीधे ही होगा और कोई प्रवेश परीक्षा नहीं होगी। विश्वविद्यालय ने दाखिला प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नए शैक्षणिक सत्र के लिए तय किया है कि दाखिले मैरिट के आधार पर होंगे। मेरिट का आधार पात्र परीक्षा के अंकों की प्रतिशतता होगा।
प्रवेश परीक्षा नहीं लेने के पीछे विश्वविद्यालय अधिकारियों का तर्क है कि शिक्षण संस्थानों की संख्या बढऩे के चलते ज्यादातर कोर्सों में एडमिशन के लिए आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या सीटों से बहुत ज्यादा नहीं है। प्रवेश परीक्षा न होने से विद्यार्थियों के दाखिला प्रक्रिया में देरी नहीं होगी तो कक्षाएं जल्द शुरू होने के बाद परीक्षाएं भी समय पर होने की आशा बंधी है।
गौरतलब है कि हरियाणा स्टेट काउंसिल पंचकूला के निर्देशानुसार एमसीए, बीफार्मेसी व एमबीए की संयुक्त प्रवेश परीक्षा पहले ही खत्म कर दी गई तो बाकी कोर्सों के लिए विश्वविद्यालय ने अपने स्तर पर निर्णय लिया है। यही नहीं विवि ने परीक्षा में आने वाले खर्च घटने के फलस्वरूप प्रॉस्पेक्ट्सके रेट भी आधे कर दिए हैं। पूर्व में विश्वविद्यालय किसी भी कोर्स के लिए आवेदकों की प्रवेश परीक्षा लेती थी। इसके बाद प्रवेश परीक्षा व पात्र परीक्षा के परिणाम के प्रतिशतता के 50-50 फीसदी अंक जोड़कर मेरिट बनती थी। इसके बाद काउंसलिंग से सीटें भरते थे। इस बार प्रवेश परीक्षा का कोई झंझट नहीं होगा और केवल पात्र परीक्षा के परिणाम के प्रतिशतता के आधार पर ही मेरिट बनाकर सीधे एडमिशन कर दिए जाएंगे।
सीडीएलयू के रजिस्ट्रार डॉ. मनोज सिवाच ने कहा कि एमफिल को छोड़कर सभी कोर्सों में प्रवेश परीक्षा हटाकर सीधे मेरिट के आधार पर दाखिले करने का निर्णय ले लिया है तो प्रॉस्पेक्ट्स फीस भी 50 फीसदी घटा दी है। एडमिशन से संबंधित तमाम निर्णयों के लिए अंतिम मुहर आगामी दिनों में होने वाले शैक्षणिक परिषद की बैठक में लगेगी।
कोर्स का नाम सीट
एमएससी (बायोटेक्रोलॉजी) 40
एमएससी (पर्यावरण विज्ञान) 40
एमएससी (फूड साईंस एंड टेक्रोलॉजी) 40
एसएससी (गणित) 60
एमएससी (फिजिक्स) 50
एमएससी (केमेस्ट्री) 50
एमबीए (साधारण) 100
एमबीए (आर्थिक व्यवसाय) 40
एमकॉम 50
एमसीए 60
एमटेक (सीएसई) फुल टाइम 40
एमए (अर्थशास्त्र) 50
एमए (लोकप्रशासन) 40
एमए (अंग्रेजी) 60
कोर्स का नाम सीट
एमए (मॉस कॉम्यूनिकेशन) 60
एमपीईडी 25+5
सीपीईडी 45+5
बीएड 100
एलएलबी 3 वर्षीय (प्रोफेशनल) 80
एमबीए (पांच वर्षीय इंटरग्रेटिड कोर्स) 60
एमएससी (ऑनर्स) अर्थशास्त्र, 5 वर्षीय 55
एमएससी (ऑनर्स) गणित, 5 वर्षीय 30
एमटेक (सीएसई) पार्ट टाइम, 3 वर्षीय 40
एमए एजुकेशन (दो वर्षीय) 30
एलएलएम (सायंकालीन) 30
बीए, एलएलबी (इंटरग्रेटिड कोर्स) 60
बीए (मास कॉम्यूनिकेशन) 40
बीपीईडी 25+5
प्रवेश परीक्षा नहीं लेने के पीछे विश्वविद्यालय अधिकारियों का तर्क है कि शिक्षण संस्थानों की संख्या बढऩे के चलते ज्यादातर कोर्सों में एडमिशन के लिए आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या सीटों से बहुत ज्यादा नहीं है। प्रवेश परीक्षा न होने से विद्यार्थियों के दाखिला प्रक्रिया में देरी नहीं होगी तो कक्षाएं जल्द शुरू होने के बाद परीक्षाएं भी समय पर होने की आशा बंधी है।
गौरतलब है कि हरियाणा स्टेट काउंसिल पंचकूला के निर्देशानुसार एमसीए, बीफार्मेसी व एमबीए की संयुक्त प्रवेश परीक्षा पहले ही खत्म कर दी गई तो बाकी कोर्सों के लिए विश्वविद्यालय ने अपने स्तर पर निर्णय लिया है। यही नहीं विवि ने परीक्षा में आने वाले खर्च घटने के फलस्वरूप प्रॉस्पेक्ट्सके रेट भी आधे कर दिए हैं। पूर्व में विश्वविद्यालय किसी भी कोर्स के लिए आवेदकों की प्रवेश परीक्षा लेती थी। इसके बाद प्रवेश परीक्षा व पात्र परीक्षा के परिणाम के प्रतिशतता के 50-50 फीसदी अंक जोड़कर मेरिट बनती थी। इसके बाद काउंसलिंग से सीटें भरते थे। इस बार प्रवेश परीक्षा का कोई झंझट नहीं होगा और केवल पात्र परीक्षा के परिणाम के प्रतिशतता के आधार पर ही मेरिट बनाकर सीधे एडमिशन कर दिए जाएंगे।
सीडीएलयू के रजिस्ट्रार डॉ. मनोज सिवाच ने कहा कि एमफिल को छोड़कर सभी कोर्सों में प्रवेश परीक्षा हटाकर सीधे मेरिट के आधार पर दाखिले करने का निर्णय ले लिया है तो प्रॉस्पेक्ट्स फीस भी 50 फीसदी घटा दी है। एडमिशन से संबंधित तमाम निर्णयों के लिए अंतिम मुहर आगामी दिनों में होने वाले शैक्षणिक परिषद की बैठक में लगेगी।
कोर्स का नाम सीट
एमएससी (बायोटेक्रोलॉजी) 40
एमएससी (पर्यावरण विज्ञान) 40
एमएससी (फूड साईंस एंड टेक्रोलॉजी) 40
एसएससी (गणित) 60
एमएससी (फिजिक्स) 50
एमएससी (केमेस्ट्री) 50
एमबीए (साधारण) 100
एमबीए (आर्थिक व्यवसाय) 40
एमकॉम 50
एमसीए 60
एमटेक (सीएसई) फुल टाइम 40
एमए (अर्थशास्त्र) 50
एमए (लोकप्रशासन) 40
एमए (अंग्रेजी) 60
कोर्स का नाम सीट
एमए (मॉस कॉम्यूनिकेशन) 60
एमपीईडी 25+5
सीपीईडी 45+5
बीएड 100
एलएलबी 3 वर्षीय (प्रोफेशनल) 80
एमबीए (पांच वर्षीय इंटरग्रेटिड कोर्स) 60
एमएससी (ऑनर्स) अर्थशास्त्र, 5 वर्षीय 55
एमएससी (ऑनर्स) गणित, 5 वर्षीय 30
एमटेक (सीएसई) पार्ट टाइम, 3 वर्षीय 40
एमए एजुकेशन (दो वर्षीय) 30
एलएलएम (सायंकालीन) 30
बीए, एलएलबी (इंटरग्रेटिड कोर्स) 60
बीए (मास कॉम्यूनिकेशन) 40
बीपीईडी 25+5