Sunday, May 20, 2012

शिक्षा मंत्री की अपील बेअसर निदेशक का पुतला फूंका

 नए सेवा नियमों में चार वर्ष के अनुभव वाले शिक्षकों को पात्रता परीक्षा से छूट देने संबंधी निर्णय के विरुद्ध पात्र अध्यापकों का आमरण अनशन शनिवार को 5वें दिन में प्रवेश कर गया। गिरते स्वास्थ्य के मद्देनजर शिक्षामंत्री ने अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन पात्र अध्यापकों ने कहा कि वे न्याय मिलने तक अपना अनशन जारी रखेंगे। पात्र अध्यापकों ने शनिवार को वाहनों के शीशे साफ कर अपनी गांधी गिरी जारी रखी। सोशल साइट फेसबुक पर भी पात्र अध्यापकों को समर्थन मिल रहा है। आमरण अनशन के पांचवें दिन पंचकूला प्रशासन ने पात्र अध्यापकों के गिरते स्वास्थ्य की जांच की तथा उनसे अस्पताल में भर्ती होने की अपील की। पिछले पांच दिन से मात्र पानी पर निर्भर पात्र अध्यापकों के डाक्टरी मुआयने के बाद महिला विंग अध्यक्ष अर्चना सुहासिनी, अशोक शास्त्री व नानकचंद का ब्लड प्रेशर 70-100 पाया गया, वहीं पीलिया के लक्षण भी पाए गए। प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, प्रेम अहलावत आदि अन्य अनशनकारियों का ब्लड प्रेशर भी कम पाया गया। पात्र अध्यापक
शनिवार को उस वक्त तैश में आ गए, जब निदेशक ने पात्र अध्यापकों की मांग व आमरण अनशन से अनभिज्ञता जाहिर की। निदेशक के जवाब से बिफरे पात्र अध्यापकों ने उनका पुतला फूंक कर विरोध जताया। पात्र अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि निदेशक का पात्र अध्यापकों की मांग व आमरण अनशन से अनभिज्ञता जताना साबित करता है कि शिक्षा निदेशालय में किस तरह के संवेदनहीन अधिकारी शिक्षा विभाग चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी को उसके कार्यालय के बाहर हो रही गतिविधियों का ही पता न हो, वो भला प्रदेश में क्या शिक्षा का उद्धार करेगा।