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Wednesday, August 29, 2012

Kendriya Vidyalayas may soon have two weekly offs

kvs news on gaurav jbtOver a million Kendriya Vidyalaya students across the country could soon enjoy an extended weekend as authorities are mulling over cutting their working days and making schooling a five-day affair.

This is aimed at allowing students to "pursue self-learning" and follow their passion and indulge in non-academic activities. In a meeting last week, Kendriya Vidyalaya Sangathan heads felt that five-day week would give "space" to children who, for years, merely get an off on Sundays besides the second Saturday of the month. "Keeping them bound to the school routine six days a week is detrimental to their natural growth of talent in various fields," noted the minutes of the meeting (a copy is with TOI) that took place on Thursday.

The KVs outside India, in Iran, Moscow and Khatmandu, work for five days. "While the Western system of education is quoted and applauded in ways, the important aspect of giving autonomy to students to pursue their hobbies and interests away from the Vidyalaya binding is overlooked," noted All India Kendriya Vidyalaya Teachers' Association president A S Mazumdar. He added that there are several institutions that follow a five-day-week time table.

Saturday, August 11, 2012

HBSE Will Be Publish 1 To 5 Class School books

प्रदेश सरकार शिक्षा बोर्ड को एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपने जा रही है। अब पहली से पांचवीं कक्षा तक की पुस्तकें भी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रकाशित करवाएगा। सूत्र बताते हैं कि शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव सुरीना राजन हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को पहली से पांचवीं कक्षा तक की पाठ्य पुस्तकें भी प्रकाशित करने की जिम्मेदारी सौंपने जा रही हैं। उन्होंने इस संबंध में शिक्षा बोर्ड अधिकारियों को मौैखिक तौर पर तो अवगत करवा दिया है और जल्द ही लिखित निर्देश भी दे दिए जाएंगे। अब तक शिक्षा बोर्ड प्रशासन आठवीं से बारहवीं कक्षा तक की पुस्तकें प्रकाशित करवाता था। सूत्र बताते हैं कि पहली से पांचवीं कक्षा तक की पुस्तकें चंडीगढ़ से प्रकाशित करवाई जाती रही हैं। लेकिन अब यह जिम्मेदारी शिक्षा बोर्ड निभाने जा रहा है। यदि यह जिम्मेदारी बोर्ड को मिलती है तो लाखों पाठ्य पुस्तकें प्रकाशित करवाने का अतिरिक्त कार्यभार बोर्ड पर आ जाएगा

Haryana to provide self-defence training to school girls

 Haryana School Shiksha Pariyojna Parishad, under the Sarva Shiksha Abhiyan, will provide training in self-defence and other martial arts to girl students studying at elementary level during 2012-13. Under this scheme, training would be provided in five schools of each block and for this trainers would be appointed for a duration of three months, an official spokesman said.

He said that under the scheme, there was a provision for a budget of Rs 4,500 per month per trainer. In Mahendragarh district, the programme would be organised in 20 schools where a batch of minimum 50 students would be chosen at the district-level, the spokesman said.

For the appointment of trainers, a committee was constituted under the chairmanship of additional deputy commissioner with district project coordinator, assistant project coordinator and elementary education officers of the concerned block as members.

Sunday, August 5, 2012

KVS School Ke Students Ab E-Class Rooms Me Study Krenge

केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) द्वारा संचालित स्कूलों के बच्चे अब ई-क्लासरूम में पढ़ सकेंगे। इसके लिए केवीएस ने योजना तैयार की है। ई-क्लासरूम और अध्यापन. के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के प्रयोग पर जोर दिया गया है। योजना के पीछे मकसद बस्ते का बोझ कम करना है। छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक से पढ़ाई कराने के लिए योजना के पहले चरण में केवीएस पायलट प्रोजेक्ट के तहत देशभर के 50 स्कूलों में आधुनिक ई-क्लासरूम तैयार करेगा। इसके बाद सभी स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा। इस संबंध में संगठन की वेबसाइट पर सर्कुलर जारी किया गया है। खास बात यह है कि संगठन से संबंधित

Saturday, May 5, 2012

जेबें हल्की बस्ते भारी

> अधिकतर निजी स्कूलों में पढ़ाई जा रही निजी प्रकाशकों की किताबें > एनसीईआरटी की सस्ती किताबें दरकिनार > अभिभावकों की जेबों पर पड़ रहा बोझ > कोर्ट ने दे रखे हैं एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के निर्देश 

स्कूल संचालकों ने एनसीईआरटी की किताबें हाशिये पर रखी हुई हैं। इन किताबों की कीमतें कम हैं, मगर अधिकतर प्राइवेट स्कूलों में निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ाई जा रही हैं। मनमजी से सिलेबस में शुमार प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें एनसीईआरटी की किताबों के मुकाबले चार से पांच गुना महंगी हैं।इसके पीछे कमीशन का 'खेल' भी है। पुस्तक विक्रेताओं की मानें तो बड़े प्रकाशक नामी स्कूलों से सीधी डील करते हैं। इसका सीधा बोझ अभिभावकों की जेब पर पड़ रहा है। हाई कोर्ट ने तीन दिन पहले स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के निर्देश दिए हैं। 

स्कूल कैडर सर्विस रूल में संशोधन की मांग

हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) ने हरियाणा स्टेट एजूकेशन स्कूल कैडर (ग्रुप-बी) सर्विस रूल्स-2011 में संशोधन की मांग की है। हसला प्रदेश अध्यक्ष किताब सिंह मोर व महासचिव दलबीर पंघाल ने नई शिक्षक भर्ती में लेक्चरर का पदनाम बदलकर पीजीटी करने तथा प्रधानाचार्य की पदोन्नति में विभागीय परीक्षा आयोजित करने के शिक्षा विभाग के फैसले की निंदा की है। हसला प्रदेश अध्यक्ष किताब सिंह मोर ने शुक्रवार को यहां बताया कि 20 अप्रैल 2011 को हसला व सरकार के मध्य समझौते में यह मांग स्पष्ट रूप से मान ली गई थी कि लेक्चरर का पदनाम किसी भी कीमत पर बदला नहीं जाएगा। यह बात भी मानी गई थी कि प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति में कोई

खत्म हो सकता है बोर्ड का सेमेस्टर सिस्टम

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड 10वीं और 12वीं कक्षा में लागू सेमेस्टर सिस्टम को खत्म करने पर विचार कर रहा है। इसके पीछे बोर्ड का तर्क यह है कि इसमें धन और समय काफी बर्बाद हो रहा है। इस बारे में बोर्ड प्रशासन ने अपनी सभी ब्रांचों के उच्च अधिकारियों के सुझाव मांगे हैं। बता दें कि शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2005-06 से 10वीं और 12वीं कक्षा में सेमेस्टर सिस्टम प्रणाली लागू की थी। इसके तहत वर्ष में दो बार परीक्षाएं ली जाने लगी। 
ये तर्क 

Thursday, May 3, 2012

सर्वोत्तम विद्यालय होंगे सम्मानित

विद्यालयों में स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण योजना के बाद अब सर्व शिक्षा अभियान द्वारा जिले के सर्वोत्तम विद्यालयों का चयन किया जाएगा और उन्हें नकद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान द्वारा प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास करने के लिए नैपजल (नेशनल प्रोग्राम फोर ग‌र्ल्ज एलिमेंट्री लेवल) और नॉन नैपजल योजना 2012-13 के तहत अलग-अलग सर्वोत्तम विद्यालय को पुरस्कृत करने की योजना बनाई गई है। इन जिले में होंगे सम्मानित : सहायक जिला परियोजना संयोजक विनोद कड़वासरा ने बताया कि शैक्षणिक तौर पर पिछडे़ नैपजल ब्लाकों में भिवानी, फतेहाबाद, हिसार, जींद,

Tuesday, May 1, 2012

स्कूलों को पहली बार समय पर मिले 19.55 करोड़ रुपये

सर्व शिक्षा अभियान के तहत राजकीय विद्यालयों के रखरखाव के लिए पहली बार समय पर राशि जारी हुई है। आमतौर पर यह राशि अगस्त से सितंबर माह तक जारी होती थी। सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2012-13 के लिए प्रदेश के 14 हजार, 779 विद्यालयों के लिए 19 करोड़, 55 लाख, 27 हजार, 500 रुपये की राशि जारी की गई है। एसएसए के तहत विद्यालयों में रखरखाव के लिए

Monday, April 30, 2012

गर्मी की छुट्टियों में लगेंगी विशेष कक्षाएं

प्रदेश की शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री गीता भुक्कल ने कहा है कि सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान गणित व रसायन विज्ञान की विशेष कक्षाएं लगाई जाएंगी। रविवार को झज्जर स्थित अपने निवास पर लोगों की समस्याएं सुनने के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही। भुक्कल ने कहा कि इन कक्षाओं के आयोजन से विद्यार्थियों के बीच गणित व विज्ञान जैसे विषयों के प्रति रुचि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि देश भर में साल 2012 को

एडिड स्कूलों के टेकओवर में मामूली पेच

बहुत संभावना है कि इस बार गरमी की छुट्टियों के बाद एडिड स्कूलों का रेगुलर स्टाफ सरकारी स्कूलों में काम करता दिखेगा। सरकार तो पहले ही इस स्टाफ को टेकओवर करने को गंभीरता दिखा रही थी अब एडिड स्कूलों की प्रबंधन समितियां भी इस पर लगभग सहमत हो गई हैं। बस स्टाफ टेकओवर होने की शर्तों की कुछ उलझनों को सुलझाना रह गया है। 

Saturday, April 28, 2012

'मॉडल' स्कूलों के सपने बिखरे

केंद्रीय स्कूलों की तर्ज पर खोले आरोही मॉडल स्कूलों के सपने इस बार भी ध्वस्त हो गए। प्रवेश परीक्षा के बाद भी जिले के सभी छह मॉडल स्कूलों में सीटें खाली रह गई हैं। इन स्कूलों में सुविधाएं पूरी न होने पर पहले तो प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थी तैयार ही नहीं थे। वहीं रही सही कसर शिक्षा बोर्ड द्वारा ली प्रवेश परीक्षा ने पूरी कर दी है। बोर्ड द्वारा घोषित प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट 60 फीसदी से कम रहा। हालात यह है कि उकलाना स्कूल के अलावा जिले के किसी भी मॉडल स्कूल में नौवीं और 11वीं के लिए एक एक सेक्शन भी नहीं बन पाएगा।

शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष प्रदेश के शैक्षणिक रूप से पिछड़े 36 खंडों में केंद्रीय स्कूलों की तरह आरोही मॉडल स्कूलों की योजना बनाई थी। विभागीय योजना के अनुसार इंग्लिश मीडियम के इन स्कूलों में अत्याधुनिक संसाधनों के माध्यम से पढ़ाई कराई जानी थी।

MANGO KO LEKAR ADHYAPKO KA PARDARSHAN

मूल्यांकन शुरू होने के आसार, बढ़े मानदेय का पत्र जारी

अब जल्द ही सीनियर सेकंडरी का मूल्यांकन कार्य शुरू हो जाएगा। हरियाणा विद्यालय विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने शुक्रवार को प्राध्यापकों के बढ़े हुए मानदेय का पत्र जारी कर दिया है। इसी के साथ बोर्ड प्रशासन ने प्राध्यापकों से मार्किंग कार्य जल्द से जल्द शुरू करने को कहा है, ताकि सीनियर सेकंडरी का रिजल्ट समय पर घोषित किया जा सके। उधर प्राध्यापक वर्ग एसोसिएशन(हसला) ने इस संबंध में शनिवार को राज्य कार्यकारिणी एक बैठक बुलाई है। 

Friday, April 27, 2012

वीडियोग्राफी ने खोली मार्किंग टीचरों की पोल

दो दिन की वीडियोग्राफी में दिखी शिक्षकों की कार्यप्रणाली, लापरवाह शिक्षकों को नहीं मिलेगी मार्किंग की ड्यूटीहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने मूल्यांकन की वीडियोग्राफी करवाने का फैसला किया था, लेकिन गुरुजन विरोध पर उतर आए। बोर्ड दो दिन ही वीडियोग्राफी करवा पाया था और इसके बाद इसे बंद करना पड़ा। दो दिन की वीडियोग्राफी में गुरुजी का इतना सच तो पकड़ में आ ही गया है कि वे इससे आखिर घबराए ही क्यों! बोर्ड खास सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दो दिन की वीडियोग्राफी में अध्यापकों की आपसी संवाद उनकी पोल खोल रहे हैं। बोर्ड के अधिकारी भी हैरानी में हैं, लेकिन अध्यापकों के आगे एक नहीं चल पाई।

Thursday, April 26, 2012

NIJI SCHOOLS KR RHE H MANMANI

अब आराम नहीं फरमा सकेंगे शिक्षा कर्मचारी

शिक्षा विभाग द्वारा अपनाई जा रही सभी योजनाएं सही समय पर स्कूलों में पहुंचे। इसलिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत सभी शिक्षा कर्मचारियों को डेली प्रोग्रेस रिपोर्ट पंचकूला भेजनी होगी। डेली रिपोर्ट में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अक्सर देखा जाता है कि शिक्षा विभाग छात्रों के हितों के लिए योजनाएं बनाकर संबंधित विभागों में भेजता है। लेकिन शिक्षा अधिकारी समय पर योजनाओं को लागू करवाने में ढिलाई बरतते हैं। इस कारण योजनाएं केवल कागजी बनकर रह जाती हैं। योजनाएं केवल कागजी बनकर न रहे। इसलिए सर्व शिक्षा अभियान बोर्ड ने उनके अधीन आने वाले सभी कर्मचारियों को प्रतिदिन की

प्राइवेट शिक्षकों से मार्किंग कराने की तैयारी में बोर्ड

प्रदेश में 12 सप्ताह से अधिक की गर्भवती होने पर महिलाओं को नौकरी के लिए अस्थायी अनफिट घोषित किया गया है। सरकार ने हरियाणा स्कूल एजुकेशन ग्रुप सी स्टेट कैडर सेवा नियम-2012 में 12 सप्ताह की गर्भवती महिला को नौकरी के लिए अस्थायी अनफिट घोषित किया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की महिला उपसमिति की संयोजक सविता, संघ के प्रांतीय प्रधान धर्मवीर फौगाट व महासचिव सुभाष लांबा ने इस फैसले की निंदा करते हुए कहा कि सरकार ने प्रदेश में शिक्षकों की

बारह सप्ताह की गर्भवती नौकरी के लिए अनफिट

प्रदेश में 12 सप्ताह से अधिक की गर्भवती होने पर महिलाओं को नौकरी के लिए अस्थायी अनफिट घोषित किया गया है। सरकार ने हरियाणा स्कूल एजुकेशन ग्रुप सी स्टेट कैडर सेवा नियम-2012 में 12 सप्ताह की गर्भवती महिला को नौकरी के लिए अस्थायी अनफिट घोषित किया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की महिला उपसमिति की संयोजक सविता, संघ के प्रांतीय प्रधान धर्मवीर फौगाट व महासचिव सुभाष लांबा ने इस फैसले की निंदा करते हुए कहा कि सरकार ने प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती के लिए नए सेवा नियम अधिसूचित किए हैं जिसमें जो शिक्षक सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सेवा में आएंगे, उन्हें 5 वर्ष तक अनुबंध व फिक्स पे पर रखा जाएगा। इतना ही नहीं नए नियम पहले लगे शिक्षकों पर भी लागू कर दिए गए हैं। संघ नेताओं ने बताया कि सर्विस रूल नियम व शर्त (एफ) के अनुसार अगर कोई महिला सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शिक्षक के लिए चयनित होती है और वह 12 सप्ताह से ज्यादा गर्भवती हो तो उसे नौकरी ज्वाइनिंग के लिए अस्थाई तौर पर अनफिट माना जाएगा। यह महिलाओं का घोर अपमान है।

Tuesday, April 24, 2012

स्कूलों पर नजर रखेगी 'रेपा

शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत अब अभिभावक बच्चों की शिक्षा से संबंधित शिकायत सीधे उच्चाधिकारियों को कर सकेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने मुख्यालय स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शिक्षा का अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (रेपा) कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी न केवल जिला स्तर पर आरटीई की अनुपालना सुनिश्चित करेगी, साथ ही बच्चों के शिक्षा से संबंधित सभी मामलों पर नजर रखेगी। 

कमेटी के पास दर्ज होने वाली शिकायतों के निवारण और आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। कमेटी सभी शिकायतें सीधे तौर पर संबंधित क्षेत्र के शिक्षा अधिकारी के पास ट्रांसफर करेगी। ये अधिकारी मामले की छानबीन के लिए संबंधित स्कूल का दौरा करेंगे। अगर शिकायत सही मिली तो उस पर कार्रवाई का अधिकार भी उसी अधिकारी को होगा। लेकिन मामले की पूरी मॉनिटरिंग कमेटी की नजर में रहेगी।